अमृतवेला में मिलता हैं खजाना

अमृतवेला में मिलता हैं खजाना



अमृतवेला या ब्रह्मा मुहूर्त रात्रि के अंतिम पहर का तीसरा भाग हैं। निद्रा त्याग के लिए यही अच्छा समय हैं। ब्रह्मा का मतलब परम तत्व या परमधाम हैं । और मुहूर्त यानी अनुकूल समय।

 



अमृतवेला शब्द का अर्थ है अमृत + वेला । अमृत मतलब रस जो स्थाई अमरता दें वेला मतलब समय। अमृतवेला अर्थात ऐसा समय जो जीव को चिरस्थाई अमरता देता हैं जिस प्रकार अमृत का घूँट भी पी लेने से जीव की मौत नहीं होती, वह अमर हो जाता हैं, आंतरिक रूप से आनंद को पाता है, उसी प्रकार इस समय में कुछ देर भी किया गया योग आत्मा को उस आत्मिक आनंद की अनुभूति करता देता हैं जिस आनंद की अनुभूति अमृत पीने वाले को होती हैं । अमृतवेला यानि वो वेला जब स्वयं परमात्मा अपने बच्चो की झोली सर्व खजानो से भरते हैं। बच्चो को अमृत पिलाने आते हैं



 

अमृतवेला विधि

 

सुबह उठ कर फ्रेश होकर अलग स्थान पर बैठ कर, अपने भृकुटि में देखें मन बुद्धि को केंद्रित करें

अब देखो शिव बाबा सितारा पंच महातत्व के मध्य चमक रहे हैं वहां अपना ध्यान लगाना हैं बुद्धि रूपी पात्र खोल दो। मन का तार उनसे जोड़ दो। अब उनसे करंट लेना हैं उनकी शक्तियों को अपने अंदर एब्जॉर्ब करों व उनके गुणों को रिसिव करो।

 

विध्न

 

 

 

निद्रा अमृतवेला का सबसे बड़ा विध्न हैं निद्रा हमें जगने नही देती। अविनाशी कमाई करने नही देती। जिससे न हम अपनी इक्छापूर्ती कर पाते हैं न सफलता मिलती हैं, न हिसाब किताब पूरे होते हैं, न कोई हममे बदलाव आता हैं, न हम शक्तिशाली बन पाते हैं अमृतवेला हर योगी के लिए आवश्यक हैं

 

समय

 

 

 

अमृतवेला दो बजे से शुरू होता हैं, जो दो बजे उठ पाते हैं बहुत अच्छी बात हैं, तीन बजे या चार बजे भी अमृतवेला का समय होता हैं इस समय भी हम परमात्मा की याद में रह सकते हैं। इस समय परमात्मा के प्यार में खो जाए परमात्मा ने जो हमें दिया हैं उसके लिए उनका धन्यवाद करें। जो हम जीवन में चाहते हैं उसका संकल्प करना चाहिए उसी संकल्प की स्थिति में स्थित है जाए, रियालाइज करें और फील करें कि मैं कितना भाग्यशाली हूँ कि मुझे परमात्मा से मिलन बनाने की विधि का संपूर्ण ज्ञान हैं। परमात्मा का बच्चा होने के नाते मैं भी उस खजाने का मालिक हूँ। इस तरह अपने संकल्पों का सृजन कर परमात्मा से मिलन मनाएँ । किसी भी राजयोगी के जीवन की पहली मर्यादा हैं हम अमृतवेला जरूर करें , कभी मिस न करें

परमात्मा शिव की याद के लिए अमृतवेला का समय सर्वश्रेष्ठ हैं।

 

 

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •