दिन में एक बार आता है वो समय जब मुंह से निकली दुआ जरूर कुबूल होती है

दिन में एक बार आता है वो समय जब मुंह से निकली दुआ जरूर कुबूल होती है | कहते हैं कि मानव शरीर में 72,000 नाड़िया होती हैं इनमें से तीन प्रमुख नाड़िया होती हैं |  इडा नाड़ी ,  पिंगला नाड़ी , सुषुम्ना नाड़ी , प्राण शक्ति इडा नाड़ी ,पिंगला नाड़ी ,सुषुम्ना नाड़ी में प्रवाहित होती हैं यह श्वास के रूप में होती हैं |

 

 


इडा नाड़ी

 


इसे चन्द्र नाड़ी या वाए स्वर भी कहते हैं जब यह स्वर चल रहा हो तो शांति, साधना, कम मेहनत वाले काम करना चाहिए

पिंगला नाड़ी

 


इसे सूर्य नाड़ी व दाए स्वर भी कहते हैं जब यह स्वर चल रहा हो तो मेहनत वाले काम करने चाहिए

सुषुम्ना नाड़ी

 


जब यह स्वर चल रहा हो तो सात्विक कार्य, ध्यान आदि करना चाहिए

इसलिए ध्यान करने से पहले प्राणयाम करते हैं कि मन शांत हो और ऊर्जा सुषुम्ना नाड़ी मे प्रवाहित हो
समयनुसार स्वर को बदला जा सकता हैं
समय समय पर दोनो स्वर आपस में बदलते है कभी दाए स्वर चलता है तो कभी वाए स्वर ।
जब स्वर बदलते है तो कुछ पल के लिए प्राण ऊर्जा सुषुम्ना नाड़ी में आती हैं, बस यह वही समय है कि इस समय दिया गया आशीर्वाद, श्राप कभी बेकार नहीं जाता इसी समय देवी सरस्वती का वास जीभ पर होता हैं इस समय कही गयी बात सही हो जाती हैं लेकिन इस समय का हमको पता नहीं चलता कि कब प्राण शक्ति सुषुम्ना नाड़ी में होगी । इसलिए कभी भी किसी के लिए गलत धारणा नही करनी चाहिए न ही गलत विचार मन में आने चाहिए

 

 


शुभ समय

 

यदि हम अपने किसी के लिए शुभकामना, शुभभावना का आशीर्वाद देना चाहते हैं तो सही समय में अच्छा संकल्प दीजिए सही समय जानने के लिए आप तिथि से सही समय ज्ञात कर सकते हैं उदाहरण के लिए आज 20 फरवरी है तो आज का शुभ समय 20 बजकर 2 मिनट यानी रात के आठ बजकर दो मिनट होगा , 15 मार्च को शुभ समय 15 बजकर 03 मिनट यानी दोपहर के तीन बजकर तीन मिनट पर होगा
06 अगस्त का समय सुबह 06 बजकर 08 मिनट होगा
इस तरह शुभ समय निकाला जा सकता हैं

 

 

इस तरह हम किसी अपने को शुभभावना, शुभकामना का संकल्प दे सकते हैं

 

 


Spread the love
  • 11
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
    11
    Shares