मृत्यु-रहस्य

मृत्यु-रहस्य     यह क्षणभंगुर संसार-चक्र प्रवाहरूप से अजर है, निरंतर चलते रहनेवाला है, कभी स्थिर नहीं रहता। शरीर […]

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